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विश्व में नागरी लिपि की वैज्ञानिकता: डॉ. हरिसिंह पाल

  छत्तीसगढ़ कौशल न्यूज मुकेश कश्यप @रायपुर:- नागरी लिपि परिषद रायपुर इकाई के द्वारा आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस के मुख्य अतिथि डॉ ...

 

छत्तीसगढ़ कौशल न्यूज

मुकेश कश्यप @रायपुर:- नागरी लिपि परिषद रायपुर इकाई के द्वारा आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस के मुख्य अतिथि डॉ हरिसिंह पाल, महामंत्री, नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली थे,विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधीर शर्मा सहायक प्राध्या पक,कल्याण महाविद्यालय भिलाई रहे। अपने उद्बोधन में नागरी लिपि की वैज्ञानिकता पर मुख्य अतिथि एवं महामंत्री डॉ हरिसिंह पाल नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली ने कहा कि नागरी लिपि की अपनी विशेष वैज्ञानिकता है। नागरी लिपि को हम सब को समझने की आवश्यकता है। 

साथी ही आगे आने वाली पीढ़ी को भी समझने की आवश्यकता है।कि किस प्रकार से हम इसे और अधिक आगे बढ़ा सकते हैं। आज के वर्तमान पीढ़ी को नागरी लिपि की वैज्ञानिकता को बताना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने नागरी लिपि परिषद की स्थापना और उसकी कार्य के बारे में विस्तार से बताया। कि आज तक के कार्यकाल में नागरी लिपि परिषद के द्वारा कितने सदस्य बनाए गए और पत्रिका के बारे में उन्होंने वर्णन किया। साथ ही अलग अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नागरी लिपि परिषद के सेमिनार एवं कार्यशाला के आयोजन पर प्रकाश डाला।

  विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुधीर शर्मा, रायपुर, छत्तीसगढ़ ने कहा कि नागरी लिपि अपने आप में पूर्ण हैं इसे सभी को अपनाना चाहिए।और आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष से नागरी लिपि के सदस्य हैं। नागरी लिपि में बात करना लोगों को समझाना बहुत ही आसान है क्योंकि नागरी लिपि एक बहुत ही सरल लिपि है।

    समाज सेविका श्रीमती मृणालिका ओझा,रायपुर, छत्तीसगढ़ ने कहा कि नागरी लिपि कि वैज्ञानिकता हमारे लिए गर्व की बात है।ऐसे संगोष्ठी का आयोजन होना चाहिए। साथ ही नागरी लिपि का सदस्य बनने का भी निर्णय लिया।

     श्री राजेन्द्र ओझा ,रायपुर छत्तीसगढ़ ने अपने वक्तव्य मे कहा कि नागरी लिपि परिषद का छत्तीसगढ़ इकाई बधाई के पात्र है इससे हम सबको जुड़ने का अवसर मिला।

       अध्यक्षीय उद्बबोधन में श्री कान्हा कौशिक,साहित्यकार रायपुर, छत्तीसगढ़ ने कहा कि नागरी लिपि परिषद द्वारा किया गया यह गोष्ठी हमारे आगे आने वाले पीढी़ के लिये मार्गदर्शन का काम करेगी।

    कार्यक्रम का आरंभ श्रीमती पूर्णिमा कौशिक की सरस्वती वंदना से हुआ। स्वागत डॉ आशीष नायक के द्वारा किया गया सफल एवं सुंदर संचालन डॉ.मुक्ता कौशिक, रायपुर छत्तीसगढ़, नागरी लिपि परिषद के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन नागरी लिपि परिषद के संयोजक डॉ. आशीष नायक के द्वारा किया गया।

     संगोष्ठी में डॉ.मृणालिका ओझा, श्री राजेंद्र ओझा, डॉ रेश्मा अंसारी, नम्रता ध्रुव,कूजुर,श्रीमती पूर्णिमा कौशिक, श्रीमती शकुंतला तरार,श्री रामेश्वर वैष्णव, सहित अनेक साहित्यकार कवयित्री एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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